Monday, 20 September 2010

musibat

 कंघी करते हुए मेरे भाई के साथ अक्सर ऐसा होता है....बार-बार कंघी करने के बाद भी बाल खरा ही रह जाता है...तब वह भी ऐसे ही झल्लाता है...क्या आप के साथ ऐसा होता है....इस उलझन मे डेट भी गलत हों गया है...1.6.2010 की जगह 32 .6.2010 हों गया है....मैंने सोचा 31 के बाद 32 ही डेट होता होगा...

5 comments:

रानीविशाल said...

भाई को कहो घोट मोट ही सही ....न रहेगा बाँस ना बजेगी बासुरी :D
नन्ही ब्लॉगर
अनुष्का

rashmi said...

आपने सही कहा...उसका घोट-मोट ही हों गया है....

Akshita (Pakhi) said...

मजेदार बनाया...बधाई.

माधव said...

nice

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

सुन्दर पेंटिंग है!
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आपकी पोस्ट की चर्चा तो यहाँ भी है!
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http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/09/18.html