Saturday, 7 May 2011

ख़ुशी....

जब मेरे बौउआ मामा ने  मेरे लिए बार्बी डाल भेजा  मुंबई से....तब तो मेरी ख़ुशी देखने लायक थी... मै तो सर के बल नाचने लगी....आप देखेंगे कैसे...तो देखिये फिर....












4 comments:

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

भई वाह! यह डॉल तो कमाल है!

रावेंद्रकुमार रवि said...

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चुलबुल की ख़ुशी हमेशा यूँ ही बनी रहे!

प्यारी माँ की गोद में
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर चित्र!
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मातृदिवस की शुभकामनाएँ!
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बहुत चाव से दूध पिलाती,
बिन मेरे वो रह नहीं पाती,
सीधी सच्ची मेरी माता,
सबसे अच्छी मेरी माता,
ममता से वो मुझे बुलाती,
करती सबसे न्यारी बातें।
खुश होकर करती है अम्मा,
मुझसे कितनी सारी बातें।।
"नन्हें सुमन"

चैतन्य शर्मा said...

अरे प्यारी डॉल मिली आपको तो.....