Sunday, 25 July 2010

chulbul... gungun..


गुनगुन -गुनगुन....सुन -सुन ..सुन-सुन ......

4 comments:

SPARSH said...

Chulbul ko uski best friend bahut bahut mubarak ho.

रावेंद्रकुमार रवि said...

बिल्कुल हो गुड़ियों की रानी!
सुनो, सुनाऊँ तुम्हें कहानी!

माधव said...

सुन्दर

माधव said...

सरस पायस से यहाँ तक आया हूँ