Tuesday, 19 July 2011

welcome bhai..

आप सब सोच रहे होंगे कि यह कविता मैंने क्यों लिखी है.....यह मैंने अपने भाई के लिया लिखी है...और उसके लिया एक प्यारा-सा कार्ड भी बनाया है....आप सब कार्ड देख कर बताइए कि इसमें कौन-कौन है....


8 comments:

"रुनझुन" said...

मैं तुमसे, तुम्हारे भाई और तुम्हारी ड्रोइन्ग से आज पहली बार मिली, मुझे बहुत अच्छा लगा....ये रंग तो मेरे भी फेवरेट हैं.....

rashmi said...

thanks runjhun didi...

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

बहुत ही प्‍यारी ड्राइंग है।

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बेहतर लेखन की ‘अनवरत’ प्रस्‍तुति।
अब आप अल्‍पना वर्मा से विज्ञान समाचार सुनिए..

Akshita (Pakhi) said...

Cute Drawing..congts !!

राजीव थेपड़ा said...

waah bhaayi.......lazawaab.....!!

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 01/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Vijai Mathur said...

अंतर्राष्ट्रीय बालदिवस की हार्दिक शुभकामनायें।

alka sarwat said...

चलिए हम भी वेलकम कह देते हैं